Sunday, February 25,2018     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
राजनीति

आय में असमानता

Publish Date: January 24 2018 12:30:59pm

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपनी आंकलन रिपोर्ट, जो हाल में ही जारी की है, उसमें कहा है कि 'पिछले साल नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के कारण सुस्त चल रही भारतीय अर्थव्यवस्था का एक बार फिर सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों में शुमार हो जाएगा। वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम के आंकड़ों से इतर आईएमएफ ने स्विटजरलैंड के दावोस में जारी ताजा वल्र्ड इकोनॉमिक आउटलुक (ड़ब्ल्यूईओ) के जरिये यह भी अनुमान लगाया है कि 2019 में भारत की विकास दर 7.8 फीसदी होगी।'
अतीत में मूडीज ने भारत की रेटिंग में 14 साल बाद सुधार करते हुए इसे बीएए 3 से बढ़ाकर बीएए 2 की श्रेणी में रखा था। इसकी आउटलुक रेटिंग का स्तर बढ़ाते हुए पॉजिटिव से बढ़ाकर स्टेबल कर दिया था। मौजूदा सरकार के महत्वाकांक्षी सुधार कार्यक्रमों की सराहना करते हुए विश्व बैंक ने इस वर्ष भारत की विकास दर 7.3 फीसदी और अगले दो साल तक 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था।
एक अन्य सर्वेक्षण में देश की आय में असमानता की चिंताजनक तस्वीर पेश की है। अंतरराष्ट्रीय राइट्स समूह ऑक्सफेम की ओर से यह सर्वेक्षण दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की शिखर बैठक शुरू होने से कुछ घंटे पहले जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि 67 करोड़ भारतीयों की संपत्ति में सिर्फ एक प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वैश्विक स्तर पर यह तस्वीर और भी चिंताजनक है। पिछले साल दुनिया भर में अर्जित की गई संपत्ति का 82 प्रतिशत केवल एक प्रतिशत लोगों के पास है। वहीं, 3.7 अरब लोगों की संपत्ति में कोई इजाफा नहीं हुआ, जिसमें गरीब आबादी का आधा हिस्सा आता है। ऑक्सफेम के वार्षिक सर्वेक्षण को महत्वपूर्ण माना जाता है और विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा होती है, जहां बढ़ती आय और लिंग के आधार पर असमानता दुनिया भर के शीर्ष नेताओं के बीच प्रमुख बिंदू है। सर्वेक्षण में बताया गया है कि देश की कुल संपत्ति का 58 प्रतिशत हिस्सा देश के एक प्रतिशत अमीर लोगों के पास है जो कि वैश्विक आंकड़े से भी अधिक है। वैश्विक स्तर पर एक प्रतिशत अमीरों के पास कुल संपत्ति का 50 प्रतिशत हिस्सा है। ऑक्सफेम इंडिया ने कहा कि 2017 के दौरान देश के एक प्रतिशत अमीरों की संपत्ति बढ़कर 20.9 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। रिवार्ड वर्क, नॉट वेल्थे शीर्षक से जारी सर्वेक्षण पर ऑक्सफेम ने कहा कि कैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था अमीरों को और अधिक धन एकत्र करने में सक्षम बनाती है। इस सर्वेक्षण में 10 देशों के 70,000 लोगों को शामिल किया गया है। डब्ल्यूईएफ की बैठक में शामिल होने दावोस गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ऑक्सफेम इंडिया ने आग्रह किया है कि भारत सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था सभी के लिए काम करती है न कि सिर्फ चंद लोगों के लिए है। इस सर्वेक्षण में भारत के संबंध में कहा गया है कि पिछले साल 17 नए अरबपति बने हैं। इसके साथ अरबपतियों की संख्या 101 हो गई है। 2017 में भारतीय अमीरों की संपत्ति 4.89 लाख करोड़ से बढ़कर 20.7 लाख करोड़ हो गई है। यह 4.89 लाख करोड़ के राज्यों के शिक्षा और स्वास्थ्य बजट का 85 प्रतिशत है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अतीत में आर्थिक क्षेत्र में लिए गए क्रांतिकारी निर्णयों का तत्काल प्रभाव यह दिखाई दिया था कि देश की आर्थिक विकास की गति कुछ धीमी पड़ गई थी। लेकिन समय बीतने के साथ देश की विकास गति में तेजी आई है। यह बात अब विदेशी संगठन कह रहे हैं। चिंता की बात यह है कि विकास की गति में आई तेजी के साथ साथ देश में आय की असमानता बढ़ती चली जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश या विदेश जिस किसी मंच से बोलते हैं तो एक बात ही कहते हैं कि उनकी सरकार देश के 125 करोड़ लोगों के विकास के लिए कार्य कर रही है जबकि तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि विकास का लाभ देश का एक प्रतिशत ही उठा रहा है।
देश की 99 प्रतिशत जनता जो विकास के लाभ से एक प्रकार से वंचित ही रही है अगर सरकार ने उपरोक्त स्थिति की गंभीरता को न देखा व समझा तो समझो सरकार के लिए निकट भविष्य में भारी संकट खड़ा हो सकता है। सरकार को देश के आम जन के आर्थिक हितों की सुरक्षा हेतु ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है। अगर आम आदमी रोजी रोटी कमाने के चक्कर में पड़ा रहा तो इस बढ़ती विकास गति का भी क्या लाभ।  

 
-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 9814266688 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें ।


 टी-20 विश्व कप में हम अपने प्रदर्शन से सबको चौंका देंगे: मिताली

केपटाउन (उत्तम हिन्दू न्यूज): दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ऐतिहासिक...

प्लास्टिक सर्जरी से हुई श्रीदेवी की मौत, वायरल मैसेज का दावा

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): श्रीदेवी की अचानक हुई मौत से ...

top