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जींद के शुगर मिल के सामने अचानक रूका कृषिमंत्री का काफिला

Publish Date: September 11 2017 08:53:40pm

जींद(सन्नी मग्गू):हरियाणा के कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड सोमवार को जींद से होकर गुजर रहे थे अचानक उनकी नजर जींद के सहकारी चीनी मिल के सामने धरने पर बैठे कुछ किसानों पर पड़ी। कृषिमंत्री किसानों के बीच में जाकर बैठ गए। शुरू हुआ बातों का सिलसिला। धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कृषिमंत्री के सम्मुख मांग रखी कि वे जींद के सहकारी चीनी मिल की क्षमता बढ़ाने की मांग को लेकर यहां धरने पर बैठे हैं। किसानों ने बताया कि जींद गन्ना उत्पादन के मामले में अपना विशेष स्थान रखता है। यहां के सहकारी चीनी मिल की पिराई क्षमता कम होने के कारण किसानों को उनके गन्ने की पिराई के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। इतना हीं नही उन्हें अपना गन्ना पड़ोसी जिलों की मिलों में भी लेकर जाना पड़ता है। इससे उनके समय व धन  की बर्बादी होती है। किसान जींद के सहकारी चीनी मिल की क्षमता बढ़ाने की पुरजोर मांग कर रहे है। कृषिमंत्री ने किसानों  की मांगों को इत्मीनान से सुना और कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जहां गन्ने का सर्वाधिक भाव किसानों को दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से ही पूछा कि क्या उनकी गन्ने की राशि मिल की तरफ बकाया है। किसानों ने बताया कि उनके गन्ने की पूरी राशि का भुगतान पहले ही हो चुका है। कृषिमंत्री ने किसानों को विश्वास दिलाया कि अक्तूबर माह में गन्ना विकास बोर्ड की बैठक बुलाई जाएगी। उस बैठक में किसान नेताओं को बुलाया जाएगा। उनके साथ मंत्रणा की जाएगी। उनके सुझाव बोर्ड की बैठक में शामिल किए जाएगें। इस समस्या का समाधान करने के लिए जींद के गन्ना उत्पादक किसानों के क्षेत्र को कैथल, असंध, गोहाना, महम सहकारी चीनी मिलों से जोड़ दिया जाएगा और किसानों को उनके गन्ने की पिराई समयबद्ध तरीके से करवाने की हर संभव सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। किसानों ने कृषिमंत्री से यह भी मांग की कि कुछ गांव दूसरी सहकारी चीनी मिलों से जुड़े हैं वे जींद की सहकारी मिल से जुडऩा चाहते है। कृषिमंत्री ने इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।  इस बात पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन के महेन्द्र सिंह घिमाना व अन्य किसानों ने कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड का आभार व्यक्त किया और जींद के सहकारी चीनी मिल के प्रबध्ंाक निदेशक एवं एसडीएम अश्वनी मलिक को अपना ज्ञापन दिया और संतुष्ट होकर अपने गांव के लिए रवाना हो गए। जींद सहकारी चीनी मिल के प्रबंध निदेशक अश्वनी मलिक ने बताया कि जींद के सहकारी चीनी मिल की क्षमता 126० मीट्रिक टन की है। इसके विपरित मिल द्वारा पिछले पिराई सत्र में 16०० मीट्रिक टन गन्ने की पिराई की । किसानों को उनके गन्ने की पूरी राशि का भुगतान मिल द्वारा पहले ही किया जा चुका है। 

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