Tuesday, September 19,2017     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
बिज़नेस

देश के 70 प्रतिशत लोग चाहते हैं 1000 के नोट की वापसी

Publish Date: September 14 2017 11:41:46am

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को 1000 और 500 रुपये के नोट चलन में बंद करने की घोषणा की थी। सरकार ने जब इन नोट्स को बंद किया था तो उस समय देश की करीब 86 प्रतिशत रनिंग करेंसी की वेल्यू खत्म हो चुकी थी। हाल ही में रिजर्व बैंक ने आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें बताया है कि बाजार में 99 फीसदी करेंसी वापस आ गई है। इस बीच एक सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया कि नोटबंदी के करीब 10 महीने बाद भी देश की 70 फीसदी जनसंख्या चाहती है कि 1000 का नोट फिर से शुरू होना चाहिए।

हैदराबाद की एक कंपनी की ओर से करवाए ऑनलाइन सर्वे के मुताबिक करीब 70 प्रतिशत लोग 1000 के नोटों को वापस लाने के प्रश्न पर हां उत्तर चुना है। सर्वे के अनुसार नोटबंदी के दौरान देश में रिजर्व बैंक ने 500 और 2000 हजार रुपये के नए नोट जारी किए जाने से करीब 62 फीसदी लोगों को नोट बदलवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा था, वहीं 38 प्रतिशत लोगों को नोट बदलवाने में कोई परेशानी नहीं आई। इसी साल अगस्त में रिजर्व बैंक ने 200 के नोट्स मार्केट में जारी किए हैं, ताकि कैश ट्रांजेक्शन में लोगों को हो रही असुविधा का निदान किया जा सके।

सर्वे में यह भी पूछा गया कि क्या 200 रुपये के नोट से ट्रांजेक्शन की परेशानी दूर होगी, इस पर करीब 67 प्रतिशत लोगों ने हां में जवाब दिया, वहीं करीब 17 प्रतिशत लोगों का जवाब न में था। वहीं 62 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जिन्हें ट्रांजेक्शन में खुल्ले पैसों की समस्या झेलना पड़ती है। 44 प्रतिशत लोगों ने कहा कि 200 रुपये के नोट से समस्या का निदान हो सकेगा। वहीं 10 प्रतिशत लोगों ने कहा कि एक नोट से यह गैप नहीं भरेगा। इस कदम से केवल 8 प्रतिशत लोग ही प्रभावित नहीं हुए। शायद उन्होंने ट्रांजेक्शन के डिजिटल तरीके अपना लिए होंगे, इसलिए उन्हें नए नोटों के बाजार में आने से कोई फर्क नहीं दिखा।

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400043000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें ।


मास्टर ब्लाटर के 120 साल पुराने घर पर चलेगा 'बुलडोजर'

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)- क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाल...

top