Friday, November 17,2017     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
मैगज़ीन

पीपल कई रोगों के उपचार में लाभकारी

Publish Date: November 12 2017 11:36:23am

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): पवित्र पीपल वृक्ष को अनंतकाल से ही हिंदुओं द्वारा पूजा जाता है, लेकिन पीपल वृक्ष धार्मिक मान्यता के अलावा औषधीय गुणों से भरपूर है तथा अनेक असहाय मानी जाने वाली बीमारियों का पीपल के उपयोग से स्थायी उपचार किया जा सकता है। भारतीय उपमहाद्वीप में उगने वाले पीपल वृक्ष को औषधीय गुणों का भंडार माना जाता है तथा इसके उपयोग से नपुंसकता, अस्थमा, गुर्दे, कब्ज, अतिसार तथा अनेक रक्त विकारों का सुगम घरेलू उपचार किया जा सकता है। पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बाल कृष्ण ने कहा, "पीपल की पत्तियों, बीज, छाल, जड़े, तने, टहनियों में औषधीय गुणों का भंडार पाया जाता है। पीपल को प्राचीन भारतीय सांस्कृति काल से ही औषधीय पौधे के रूप में प्रयोग किया जाता है।" आचार्य बाल कृष्ण के अनुसार, पीपल के पौधे के औषधीय उपयोग से कई रोगों का सफल उपचार किया जा सकता है। खूनी दस्त अतिसार :- पीपल के कोमल तने, बीज, क्रिस्टल चीनी को बराबर मात्रा में मिलाकर इसका मिश्रण बना लें तथा दिन में इस मिश्रण को आवश्यकतानुसार 3-4 बार लें। इसके सेवन से खूनी अतिसार बंद हो जाएंगे। भूख कम लगना :- पीपल के पके हुए फलों के उपयोग से भूख कम लगना, खांसी, पित्त, रक्त संबंधी विकार तथा उल्टी का स्थायी उपचार संभव है। 

पेट दर्द :- पीपल के पौधे की 2-5 पत्तियों का पेस्ट बनाकर उसे 50 ग्राम गुड़ में मिलाकर मिश्रण बना लें तथा इस मिश्रण की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर दिन में 3-4 बार सेवन से पेट दर्द में राहत मिलेगी। अस्थमा :- पीपल की छाल तथा पके हुए फलों का अलग-अलग पाउडर बनाकर उसे समान मात्रा में मिला लें। इस मिश्रण को दिन में 3-4 बार सेवन से अस्थमा रोग से मुक्ति मिलती है। सांप काटने पर :- जहरीले सांप के काटे जाने पर पीपल की कोमल पत्तियों के रस की दो-दो बूंदे लें तथा उसकी पत्तियों को चबाएं। उससे सांप के विष का असर कम होगा। त्वचा रोग :- पीपल की कोमल पत्तियों को चबाने से त्वचा की खारिश तथा अन्य रोगों का उपचार होता है। पीपल की पत्तियों की 40 मिलीलीटर चाय का सेवन भी अत्यंत प्रभावकारी साबित होता है। दाद खाज खुजली :- 50 ग्राम पीपल की छाल की राख बनाकर, इसमें नींबू तथा घी मिलाकर इसका पेस्ट बना कर इस पेस्ट को प्रभावित अंगों पर लगाने से आपको तुरंत शीतलता प्राप्त होगी। पीपल की छाल की 40 मिलीलीटर चाय के प्रतिदिन सेवन से भी राहत मिलती है। फटी एडिय़ां :- फटी एडिय़ों पर पीपल की पत्तियों का रस या उसका दूध लगाएं इससे इस समस्या में पूरा उपचार मिलेगा। 

रक्त की शुद्धता :- 1-2 ग्राम पीपल बीज पाउडर को शहद में मिलाकर प्रतिदिन दो बार उपयोग से रक्त शुद्ध होता है। नपुंसक्ता :- पीपल के फल के पाउडर का आधा चम्मच दिन में दूध के साथ तीन बार लेने से नपुंसकता समाप्त हो जती है तथा शरीर बलवान बनता है। पीपल फल, जड़े, छाल तथा शुंगा को बराबर मात्रा में लेकर इसमें शहद मिलाकर खाने से सेक्स ताकत में बढ़ोतरी होती है। कब्ज :- पीपल के 5-10 फल प्रतिदिन सेवन में कब्ज रोग का स्थाई समाधान होता है। लिवर के रोगों के लिए :- 3-4 ताजा पीपल की पत्तियों को क्रिस्टल चीनी में मिलाकर इसका पाउडर बना लें। इस पाउडर को 250 ग्राम पानी में मिलाकर मिश्रण को छान लें। इसे रोगी को 5 दिन तक दिन में दो बार दें। यह मिश्रण पीलिया रोग में अत्यंत प्रभावकारी साबित होता है। हिचकी आने पर :- 50-100 ग्राम पीपल की छाल का चारकोल बनाकर इसे पानी से बुझा दें। इस पानी के सेवन से हिचकी आनी बंद हो जाती है। आंखों में दर्द :- पीपल की पत्तियों के दूध को आंखों पर लगाने से आंखों की पीड़ा कम होगी। दांत दर्द :- पीपल तथा वट वृक्ष की छाल बराबर मात्रा में लेकर इस मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को गर्म पानी में उबाल कर इससे कुल्ला करने से दांत दर्द समाप्त हो जाता है।
 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400023000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें ।


पीवी सिंधु भी हारीं, चीन ओपन में भारतीय चुनौती समाप्त

फुझोउ (चीन) (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारत की अग्रणी महिला बैडमिट...

छोटे पर्दे पर कमेडियन कपिल शर्मा की धमाकेदार वापसी

मुम्बई (उत्तम हिन्दू न्यूज): छोटे पर्दे पर अपनी हास्य कलाकार कप...

top