Saturday, November 18,2017     ई पेपर
ब्रेकिंग न्यूज़
हिमाचल प्रदेश

संतोष सैनी के निष्कासन पर खुद ही फंस सकते है मनोहर लाल

Publish Date: November 13 2017 05:44:53pm

ऊना (उत्तम हिन्दू न्यूज़/ममता भनोट) : भाजपा के कुटलैहड़ मंडल इकाई के अध्यक्ष मनोहर लाल द्वारा अपनी पार्टी के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी संतोष सैनी पर किया गया प्रहार बूमरैंग की तरह उनके हाथ ही घायल कर सकता है। मंडल अध्यक्ष मनोहर लाल ने कल प्रेस कान्फ्रेंस कर हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी की वरिष्ठ नेत्री संतोष सैनी व अन्यों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगा कर उन्हें निष्कासित करने की घोषणा कर दी परंतु पार्टी के सुत्र बताते हैं कि पार्टी के संविधान अनुसार व संतोष सैनी की बड़े नेताओं तक पहुंच के चलते अब खुद मनोहर लाल फंसते नजर आ रहे हैं। उन पर कभी भी पार्टी हाईकमान  की गाज गिर सकती है।


मामला यह है कि मनोहर लाल ने कल डोहगी में जनरल हाऊस की बैठक कर सात सदस्यीय अनुशासन समिति का गठन किया, जिसमें मास्टर तरसेम शर्मा, युवा नेता बलराम बबलू, जगतराम, कैप्टन प्रीतम, चरणजीत शर्मा व विजय सदस्य के रूप में शामिल हुए। दावा किया गया है कि इस बैठक में अनुशासन समिति ने मंथन कर विधानसभा चुनाव में भीतराघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसमें जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई का नाम लिया गया उनमें हिमफेड की चेयरमैन रही संतोष सैनी, आरटीए सदस्य सुदर्शन शर्मा, सतपाल, विजय कुमार के नाम शामिल है। मनोहर लाल ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिला प्रधान व प्रदेश हाईकमान को अनुशंसा की व शिक्षा विभाग में कार्यरत रतन शर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करवाने की बात कही। बैठक में कहा गया कि पार्टी में अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।


पार्टी सूत्रों के अनुसार, संतोष सैनी के खिलाफ मनोहर लाल ने जिस हथियार का प्रयोग किया अब उनके ही हाथ घायल करते दिख रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संतोष सैनी पार्टी की न केवल वरिष्ठ नेत्री हैं व प्रदेश इकाई की सदस्य हैं बल्कि पार्टी के हरोली विधानसभा क्षेत्र की प्रभारी भी हैं। उन पर किसी तरह की कार्रवाई करने का अधिकार प्रदेश इकाई के पास है न कि मंडल अध्यक्ष के पास। दूसरी ओर मंडल अध्यक्ष की कार्रवाई को वैधानिक भी मान लें तो भी किसी नेता के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा को तब तक सार्वजनिक नहीं किया जा सकता जब तक पार्टी हाईकमान उस पर स्वीकृति की मुहर न लगा दे। सूत्र बताते हैं कि संतोष सैनी ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पत्र लिख कर इसकी शिकायत पार्टी हाईकमान से की है। संतोष सैनी का कहना है कि वे विगत 35 वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रही हैं और अब इस तरह की कार्रवाई कर कुछ नेताओं द्वारा उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। संतोष सैनी का कहना है कि केवल प्रदेश स्तरीय अनुशासन समिति को ही उनसे प्रश्न पूछने का अधिकार है। उन्होंने पूरी गंभीरता के साथ इस मसले को पार्टी हाईकमान के समक्ष उठाया है। फिलहाल उक्त प्रकरण से सर्दी के मौसम में राजनीतिक वातावरण गर्म होता दिखाई दे रहा है।
 

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400023000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें ।


रणजी ट्रॉफी -दिल्ली के विशाल स्कोर के सामने लडख़ड़ाई महाराष्ट्र की पारी

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): कप्तान ईशांत शर्मा की आगुआई म...

आलोचना के बीच 'पद्मावती' के रोल पर ये बोलीं दीपिका पादुकोण...

मुंबई (उत्तम हिन्दू न्यूज): अभिनेत्री दीपिका पादुकोण कुछ समय ...

top