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स्कूल के मैदान में अभ्यास कर कबड्डी में कर रहे है गांव का नाम रोशन

Publish Date: November 14 2017 07:27:29pm

नरवाना (नरेन्द्र जेठी) :प्रो कबड्डी में अपने कबड्डी के खेल के दम पर पहचान बनाने वाले बुडायन गांव के विकास कंदौला हो या संदीप, कुलदीप, प्रदीप, मंजीत कंदौला हो या जितेंद्र, विक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हो। हर खिलाड़ी ने गांव के स्कूल के खेल मैदान से कबड्डी के खेल की शुरूआत की। आज प्रो-कबड्डी में जब गांव के चार खिलाड़ी अलग-अलग टीमों के खेलते है तो गांव के लोगों को सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। बुडायन गांव को अब कबड्डी खिलाडिय़ों का गांव कहां जाने लगा है। गांव के युवाओं का रूझान निरंतर कबड्डी के खेल को लेकर है जिससे गांव में शाम को स्कूल के खेल मैदान में 150 खिलाड़ी अलग-अलग खेल मैदान बना कर अभ्यास करते नजर आते है।
खेल के दम पर मिली नौकरी
गांव के खेल मैदान से कबड्डी के खेल की शुरूआत करने वाले अनेकों खिलाडिय़ों को खेल के दम पर सरकारी नौकरी मिली है। यहां के युवा आर्मी, पुलिस, नेवी, एयर फोर्स, रेलवे सहित अन्य विभागों यहां के कबड्डी खिलाडिय़ों को बेहतर खेल के चलते नौकरी भी मिली है। खेल के साथ-साथ रोजगार भी यहां के युवाओं को कबड्डी खेलने से मिल रहा है। इसी का कारण है कि यहां के युवा निरंतर कबड्डी की तरफ अग्रसित हो रहे है। अभिभावक भी अपने बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित करते नजर आते है। 
ईरान, मलेशिया में खेली कबड्डी
गांव के 40 खिलाड़ी नेशनल कबड्डी में खेल चुके है। यहां के खिलाड़ी प्रो-कबड्डी से लेकर मलेशिया में कबड्डी खेल चुके है। विकास कंदौला ने 2016 में ईरान में हुई जूनियर एशियन कबड्डी प्रतियोगिता में खेलते हुए गोल्ड मेडल जीत चुके है। ऑल इंडिया यूनिवसिर्टी इंटर में विकास कंदौला, जितेंद्र, विक्रम गोल्ड मेडल जीत चुके है। ये तीनों खिलाड़ी मलेशिया में हुई कबड्डी प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले चुके है।
सुविधाओं का है अभाव
कबड्डी कोच संदीप कंदौला, वीरेंद्र कंदौला, मिया सिंह, दिलबाग ने कहा कि गांव के युवाओं का रूझान कबड्डी के खेल को लेकर निरंतर बढ़ रहा है।  एक ही गांव के पांच खिलाड़ी प्रो-कबड्डी में खेलना गांव के लिए बड़ी बात है। गांव के बेटे जब टीवी पर कबड्डी मैच में खेलते नजर आते है गांव के लोगों का खुशी का ठीकाना नहीं रहता है। गांव में सरकार को चाहिए कि वो कम से कम खेल स्टेडियम बनवाए ताकि खेलने वाले युवाओं को बेहतर खेल सुविधा मिल सकें। यहां पर स्कूल मैदान में ही कबड्डी के खेल का अभ्यास गांव के युवा करते है। कबड्डी के खेल में गांव के युवाओं के शॉनदार खेल के चलते अलग पहचान मिली है।  

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