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राजनीति

कबूलनामा

Publish Date: December 04 2017 12:59:28pm

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि ''वह लश्कर-ए-ताइबा और उसके संरक्षक हाफिज सईद के सबसे बड़े समर्थक हैं।' मुशर्रफ ने कहा कि कश्मीर में भारतीय सेना को दबाने के लिए इस आतंकी समूह की भूमिका का भी समर्थन करता हूं और बताया कि यह संगठन भी उन्हें बहुत पसंद करता है। उन्होंने माना कि लश्कर कश्मीर की गतिविधियों में शामिल है और भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर लश्कर को आतंकी समूह घोषित किया है। पाक के सेवानिवृत जनरल 74 वर्षीय मुशर्रफ, जो इस समय दुबई में आत्म-निर्वासन पर हैं, ने कहा कि मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद कश्मीर की गतिविधियों में शामिल है और वे खुद उसकी इस भागीदारी का समर्थन करते हैं। मुशर्रफ ने हाल ही में पाकिस्तान के भीतर 23 राजनीतिक दलों के गठबंधन का एलान करते हुए यह भी कहा है कि वह हमेशा जम्मू कश्मीर में कार्रवाई और वहां पर भारतीय सेना को दबाने के पक्षधर हैं। पाक के पूर्व तानाशाह ने यह बयान वहां के टीवी चैनल एआरवाई से बात करते हुए दिया है। मुशर्रफ ने कहा कि लश्कर-ए-ताइबा एक बड़ी ताकत है। भारत ने इस संगठन को अमेरिका के साथ साझेदारी के बाद आतंकवादी घोषित किया है। मैं मानता हूं कि यह संगठन कश्मीर की गतिविधियों में शामिल है लेकिन यह हमारे और कश्मीर के बीच का मामला है। मुशर्रफ यहीं शांत नहीं हुए बल्कि बोले कि 'कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान लश्कर की मदद लेता आया है। खुद को लश्कर और सईद का सबसे बड़ा समर्थक बताते हुए मुशर्रफ ने कहा कि वह जानते हैं कि आतंकी समूह व पाक में सईद की अध्यक्षता वाला जमात-उद-दावा भी उन्हें पसंद करता है।''

भारतीय सेना द्वारा पकड़े गए लश्कर के आतंकी मोहम्मद आमिर ने जांच एजेंसियों की पूछताछ में बताया कि 'कैसे हाफिज, लखवी के गुरुकुल में दहशतगर्दी के सपोले तैयार किए जाते हैं। गरीबी से जूझते जरूरतमंदों को आतंक के ट्रैप में फंसाने की साजिश आतंक के आका रचते हैं। आमिर का पता हाउस नंबर 776 ए, गली नं. 14-ए, मोहल्ला पावर हाऊस, महाजार कैम्प कराची (पाकिस्तान) है। यह लड़का कराची में कबाड़ बेचता था। इसका पिता बीमार था और 6 भाई-बहनों का बड़ा परिवार था। उसके हाथ खाली थे, सिर पर जिम्मेदारी थी। आतंक की फैक्टरी के लिए इससे बेहतर कच्चा माल और क्या हो सकता था। कराची में सक्रिय लश्कर की यूनिट ने इसे फंसा लिया। उक्त आतंकी के मुताबिक लश्कर के आतंकियों ने 4 हजार रुपए दिए। इसके बाद हाफिज, लखवी के लर्निंग इंस्टीच्यूट में 18 साल के लड़के को लड़ाकू बनाने की कहानी शुरू हो गई। पहले दिमाग में इस्लाम के नाम पर नफरत पैदा की और उसके बाद ट्रेनिंग के लिए भेज दिया। कैम्प में हाफिज, लखवी के नफरत भरे भाषण सुनाए जाते हैं। इस आतंकी को भी पूरी तैयारी के साथ कश्मीर भेजा गया था उन तमाम सामान के साथ जिनके जरिए वह भारत में अपने पांव जमा सके, लेकिन वह सेना के हत्थे चढ़ गया।'

इसी तरह पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पीटीआई, की नेता शरीन मजारी की बेटी 'ईमान' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें वह पाकिस्तान की सेना पर आतंकियों को समर्थन व संरक्षण देने की बात कह पाक सेना की निन्दा कर रही है। पाकिस्तान के लोग आज कट्टरपंथियों, आतंकियों और पाकिस्तान सेना की नकारात्मक भूमिका के कारण अपने को बंधक महसूस कर रहे हैं। अनिश्चितता के माहौल में उनको अपने वर्तमान और भविष्य दोनों धूमिल दिखाई दे रहे हैं। पाकिस्तान की साख और छवि विश्व स्तर पर गिरती जा रही है। लेकिन पाक सरकार, सेना और आतंकवादियों को इस बात की कोई परवाह नहीं है, बस सत्ता सुख पाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं। चीन की पकड़ पाक पर मजबूत होती जा रही है। अमेरिका पीछे हट रहा है। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल में जो कुछ परवेज मुशर्रफ और आतंकी आमिर ने कबूला है उसको देखते हुए भारत को सीमा पर ही नहीं, भीतर भी चौकसी बढ़ानी होगी, क्योंकि पाकिस्तान हताषा में कुछ भी कर सकता है।    


-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।

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